Friday, 5 July 2013

निशब्द

न जाने लोग,
कैसे लिख पाते हैं अपने भावों को
जब रहता हूँ नितान्त अकेला
कभी सिरहन सी,कभी मुस्कान सी
बस बहता हूँ भावों में
कलम को तो जैसे
किसी ने बांध दिया हो
एक बाढ़ सब कुछ बहाकर ले जाती है
वो शब्द, वो गहराइयाँ
बाद में रहता है
कोरा काग़ज, ताकती सी कलम
कुछ निशानों को
फिर लगता है कि
तुम में ये कला है ही नहीं
हकीकत सी, वास्तव सी।

27 comments:

  1. सुन्दर प्रस्तुति -
    आभार आदरणीय-

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  2. वह बहुत सुन्दर..

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  3. बहा कर ले जाने के बाद भी कुछ है जो बचा रहता है..वही तो उतरता है कागज पर...छन के आता है जो भावों की छलनी में..

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  4. .बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति .सच्चाई को शब्दों में बखूबी उतारा है आपने आभार तवज्जह देना ''शालिनी'' की तहकीकात को ,

    आप भी जानें संपत्ति का अधिकार -४.नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN लड़कों को क्या पता -घर कैसे बनता है ...



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  5. भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....

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  6. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन नहीं रहे कंप्यूटर माउस के जनक डग एंजेलबर्ट - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  7. बहुत खूब यहाँ भी पधारे ,
    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/07/blog-post_5.html

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  8. भाव को अच्छे से बाँधा है ...

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  9. काव्य का यथार्थ
    आपकी रचनाशीलता / आपका कवि मन / आपके सृजन का पलक इतना विस्तृत है कि कोई ऒर छोर नहीं नजर आता ........

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  10. भावों के सैलाब का क्रमिक तरतीबवार प्रवाह ही लेखन है अलबत्ता भाव हैं तो लिखा ज़रूर जाएगा

    .कई तो होते ही निर्भाव हैं .

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  11. खुबसूरत शब्द बहुत अच्छी रचना

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  12. बहुत सुन्दर.

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  13. कविता भावपूर्ण है और साथ दिया चित्र भी प्रभावी.

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  14. very true....excellent.

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  15. बाढ़ में बह जाने के बाद जो कुछ बच जाता है उसी से तो कविता जन्मती है... बहुत सुन्दर. बधाई.

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  16. उम्दा प्रस्तुति ...
    रोहितास जी ...

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  17. बहुत बढ़िया है लेखन

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  18. बहुत सुन्दर प्रस्तुति !

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  19. सुन्दर शब्दों से सजी रचना. ............

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  20. है तो ये कला..... :)

    वैसे भावों को शब्दों का साथ सरलता से नहीं मिलता |

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  21. YOU HAVE INFINITE POTENTIAL .YOU HAVE TO WRITE REGULARLY YOUR FRUSTATIONS AND ASPIRATIONS FROM THE SYSTEM .GOD BLESS YOU THANKS FOR YOUR COMMENTS .

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  22. उम्दा और बेहतरीन प्रस्तुति के लिए आपको बहुत बहुत बधाई...
    नयी पोस्ट@जब भी सोचूँ अच्छा सोचूँ

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